क्रिया किसे कहते हैं | Kriya Kise Kahate Hain

क्रिया किसे कहते हैं? आपको यह तो पता होगा की क्रिया भाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके बिना, वाक्यों में कोई क्रिया नहीं होती। क्रिया वास्तव में क्या हैं और Verb Kise Kahate Hain इस लेख में आगे पढ़ें और कुछ उदाहरण के साथ समझेंगे की क्रिया का उपयोग हिंदी में कहाँ और कैसे होता है। 

क्रिया किसे कहते हैं? | Kriya Ki Paribhasha

kriya in hindi वो शब्द है जो बताती है कि विषय (Subject) क्या कर रहा है। संज्ञाओं के साथ, क्रिया एक वाक्य या वाक्यांश का मुख्य भाग है, जो कि क्या हो रहा है के बारे में एक कहानी बताती है। 

वास्तव में, Kriya Definition In Hindi क्रिया के बिना, पूर्ण विचारों को ठीक से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, और यहां तक ​​​​कि सबसे सरल वाक्य, जैसे कि सुरभि गाती है, में एक क्रिया है। दरअसल, एक क्रिया अपने आप में एक वाक्य हो सकती है। 

व्याकरण के नियमों को सीखते समय, स्कूली बच्चों को अक्सर सिखाया जाता है कि क्रिया किसे कहते हैं क्रिया शब्द ‘कर रहे हैं’, जिसका अर्थ है कि वे वाक्य के उस हिस्से को दर्शाते हैं जो क्रिया की व्याख्या करता है: पार्थ भाग गया, स्याली रविवार को चॉकलेट केक खाती है, घोड़े पूरे खेत में सरपट दौड़ते हैं । 

दौड़ना, खाना और सरपट दौड़ना उन वाक्यों के ‘क्रिया’ भाग हैं, इस प्रकार वे क्रिया हैं। हालाँकि, यह भ्रमित करने वाला हो सकता है क्योंकि सभी क्रियाओं को क्रिया के रूप में आसानी से पहचाना नहीं जा सकता है। 

मुझे आपका नाम पता है, जैक ने इसके बारे में सोचा, हमने कई एप्लीकेशन पर विचार किया। ये गैर-क्रिया क्रियाएं हैं, यानी वे जो होने की स्थिति, भावना, अधिकार, भावना या राय का वर्णन करती हैं। अन्य गैर-क्रिया क्रियाओं में शामिल हैं प्यार, सहमत, महसूस, हूँ, और है आते हैं।

इस लेख में आगे आपको क्रिया किसे कहते हैं इसके साथ ही यह भी पता चलेगा की इसके कितने प्रकार होते हैं।

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क्रिया को कैसे पहचानें

जैसा कि आप ऊपर दिए गए क्रिया शब्द के उदाहरण से देख सकते हैं, किसी क्रिया को पहचानने में आपकी मदद करने के लिए एक सुराग विषय की तुलना में उसका स्थान है। 

क्रिया लगभग हमेशा संज्ञा या सर्वनाम के बाद आती है। इन संज्ञाओं और सर्वनामों को विषय कहा जाता है। सोचा क्रिया संज्ञा जैक के बाद आयी, इसलिए जैक (Subject) जो क्रिया कर रहा था वह सोच (क्रिया) रहा था।

अगर आपने जान लिया है की क्रिया किसे कहते हैं तो यह बहुत ज़रूरी है की आप क्रिया को पहचानें। नीचे जानें की क्रिया को कैसे पहचाना जाए।

कुछ उदाहरण नीचे पढ़ें – 

  • राहुल अपना रात का खाना जल्दी से खा लेता है।
  • गौरव और उसके दोस्त बाजार गए।
  • आप अपनी नोटबुक में साफ-साफ लिखते हैं।
  • उन्होंने प्रतियोगिता में सभी पुरस्कारों के बारे में सोचा।

ऊपर लिखे सबसे पहले वाक्य में –

राहुल अपना रात का खाना जल्दी से खाता है, क्या कर रहा है? खाना खा रहा है, इसलिए खाना क्रिया है।

आखिरी वाक्य में उन्होंने सभी पुरस्कारों के बारे में सोचा। यहाँ क्या हो रहा है? विचार (सोच) हो रहा है, इसलिए विचार क्रिया है। आगे इस लेख में हम जानेंगे की क्रिया किसे कहते हैं और kriya ke kitne bhed hai.

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क्रिया के प्रकार | Kriya Ke Bhed

यूँ तो क्रिया 2 आधार पर विभाजित है, इसलिए पहले क्रिया के 2 वर्ग जानने ज़रूरी है, वो है – 

  1. कर्म के आधार पर
  2. रचना के आधार पर 

चलिए अब पहले बात करते हैं कर्म के आधार पर क्रिया के भेद कौनसे हैं। 

क्रिया के प्रकार कर्म के आधार पर

  • सकर्मक क्रिया
  • अकर्मक क्रिया 

आपको लग रहा होगा को ये इतनी सारी क्रिया कैसे आ गयी? कोई बात नहीं हम धीरे-धीरे पूरी क्रिया आपको एक-एक करके समझायेंगे जैसे हमने आपको ऊपर समझाया कि क्रिया किसे कहते हैं।

सकर्मक क्रिया  | Sakarmak Kriya Kise Kahate Hain

बात करें सकर्मक क्रिया की तो इस क्रिया में आपको हमेशा कर्म मिलेगा ही क्योंकि इसका नाम ही है सकर्मक क्रिया मतलब कॉम के साथ। 

सरल भाषा में कहें तो ऐसे वाक्य जिनके बिना वाक्य का मतलब पूरा नहीं होता।

अगर हम उदाहरण की बात करें तो, नीचे के सारे Sakarmak Kriya Ke Udaharan हैं।

  • रमेश चाय बना रहा है
  • गौरवी डायरी लिखती है
  • डेविड ने नया घर बनाया
  • सुप्रिया कहानी पढ़ती है
  • गुल्लू गुलाबजामुन खाता है

ऐसे सभी उदाहरण सकर्मक क्रिया में आते हैं। 

अकर्मक क्रिया | Akarmak Kriya In Hindi

क्रिया के इस भेद में कर्म साथ नहीं होता। सरल भाषा में कहें तो यह सकर्मक क्रिया के बिल्कुल विपरीत होती है इससे शायद आपको स्पष्ट हो जाएगा कि क्रिया किसे कहते हैं।

  • हर्षिता दौड़ रही है
  • मैं एक अध्यापिका थी
  • वह उसकी सहेली है
  • मैं रात भर नहीं सो पाया
  • मम्मी आ रही है

जैसे सबसे पहले वाले उदाहरण में हर्षिता दौड़ रही है लेकिन कहाँ, किसके साथ और क्यों ऐसे कोई भी जवाब हमारे पास नहीं हैं और जब ऐसे जवाब ना मिलें तो वो अकर्मक क्रिया है। 

कर्म के आधार पर क्रिया के बाकी भेद नीचे विस्तार से लिखे हुए हैं।

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सहायक क्रिया | Sahayak Kriya

नाम से ही समझ आ रहा है की यह मदद करने वाली क्रिया है मतलब किसी और क्रिया के साथ यह सहायक तौर पर उपयोग की जाती है जिससे उस वाकया का मतलब पूरा हो जाता है। 

जैसे उदाहरण के तौर पर – 

  • वो सभी हँसते हैं 
  • हम सभी मिलकर खाना बनाते हैं 

इस लेख में आगे हमने क्रिया किसे कहते हैं के साथ क्रिया से जुड़ी जानकारी भी लिखी है।

द्विकर्मक क्रिया | Dwikarmak Kriya

इस नाम से ही पता चलता है की जिस क्वक्या में दो कर्म होते हैं उन्हें द्विकर्मक क्रिया कहा जाता है। 

  • गौरव ने घर में निरमा साबुन से पोछा लगाया 
  • टीचर ने छात्रों को गणित पढ़ाया 

रचना के आधार पर क्रिया के भेद

जब बात किर्या के प्रकार की हो रचना के आधार पर तो वो 5 भेद होते हैं, नीचे पढ़ें। 

सामान्य क्रिया | Samanya Kriya

वो क्रिया जिन वाक्य में केवल एक ही क्रिया होती उसे सामान्य क्रिया कहते हैं। 

जैसे – 

  • रमीला आम खाती है
  • गौरी गयी 

संयुक्त क्रिया | Sanyukt Kriya

जहाँ एक ही वाक्य में 2 क्रियाओं का प्रयोग होता है उसे संयुक्त क्रिया कहते हैं। 

जैसे – 

  • गौरव जा रहा है 
  • सौरभ के पापा घर आ गए

नामधातु क्रिया | Naamdhatu Kriya

जिस वाक्य में संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण से बन कर जो जो क्रियाएं बनती हैं उसे नामधातु क्रिया कहते हैं। इस तरह आपको यह तो पता चल गया की नामधातु क्रिया किसे कहते हैं, आगे इसके उदाहरण पढ़ें।

जैसे – 

  • गब्बर मौसी की ज़मीन हथिया लिया 
  • इस दुनिया में सभी को जानवरों को अपनाना चाहिए

ये दोनों तो हुयी संज्ञा से बानी क्रिया जैसे हाथ से बना हथिया और अपना से बना अपनाना, ऐसे ही सर्वनाम और विशेषण से भी काफी क्रिया बनती हैं जिन्हें नामधातु क्रिया ही कहते हैं।

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प्रेरणार्थक क्रिया | Prernarthak Kriya

यह वह क्रियाएं होती हैं जब आप कोई काम खुद ना करके दूसरों से करवाते हैं। इसके भी दो प्रकार होते हैं जैसे –

  1. प्रथम प्रेरणार्थक 
  2. द्वितीय प्रेरणार्थक 

यह दोनों ही काफी आसान है, जब व्यक्ति स्वयं किसी से काम करवाता है तो वो प्रथम प्रेरणार्थक क्रिया हुयी और यदि कोई व्यक्ति खुद नहीं करवाता उसे द्वितीय प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं, इसी तरह आगे हम बताएँगे कि पूर्वकालिक क्रिया किसे कहते हैं। 

प्रथम प्रेरणार्थक- जैसे, चार्ली जोकर बनकर खेल दिखाता है, माँ फैमिली के लिए खाना बनाती है। 

द्वितीय प्रेरणार्थक-  जैसे, मम्मी कामवाली से बर्तन धुलवाती है, चार्ली सर्कस में टाइगर से खेल दिखाता है। 

इस लेख में जानें की काम क्रिया के चित्र क्या हैं?

नोट- प्रथम प्रेरणार्थक प्रत्यक्ष क्रिया होती है व् द्वितीय प्रेरणार्थक अप्रत्यक्ष क्रिया होती है। 

पूर्वकालिक क्रिया | Purvkalik Kriya

जब वाक्य में दो क्रियाएं हो तो मुख्य क्रिया से पहले जो क्रिया होती है वो हमेशा पूर्वकालिक क्रिया होती है। 

उदाहरण – 

  • स्याली खाना खाकर चलने जाएगी 
  • पार्थ पढ़कर खेलने जाएगा 
  • पंडित जी ने नहाकर पूजा की 

जैसे ऊपर लिखे उदाहरण में स्याली चलने जाएगी ये मुख्य क्रिया है लेकिन खाना खाकर यह पूर्वकालिक क्रिया है, उसी तरह पार्थ वाले उदाहरण में पढ़कर पूर्वकालिक क्रिया है और फिर तीसरे उदाहरण में नहाकर भी पूर्वकालिक क्रिया है। 

नोट- ख़ास ध्यान यह रखें की पूर्वकालिक क्रिया में हमेशा “कर” या “करके” ही लगता है जैसे शाहरुख ने बालकनी में आकर हाथ हिलाया या सलमान ने साइकिल चलाकर 4 किमी की यात्रा की। इससे आपको यह तो पता चल गया होगा की पूर्वकालिक क्रिया किसे कहते हैं।

अंतिम पंक्तियाँ 

क्रिया किसे कहते हैं, उसकी परिभाषा और उदाहरण सहित सभी प्रकार की क्रिया आपने इस लेख में पढ़ी। हमारा मुख्य उद्देश्य यही रहता है की आपको पढाई और अन्य सारी चीज़ों से अवगत करवाएं इसलिए हम ऐसे विभिन्न रचनात्मक और शैक्षणिक प्रकार के टॉपिक्स पर अपने लेख के द्वारा आपको सम्पूर्ण जानकारी देते रहते हैं। 

हमें नीचे कमेंट में अपना अनुभव बताएं और साथ ही हमें यह भी बताएं कि आपको यह समझ आया या नहीं की क्रिया किसे कहते हैं।

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